आज एक माता अपनी मरी हुई बेटी के लिये दर दर भटक रही और अब न्याय की कोई ऊम्मिद भी नही।
दोस्तो आज जब एक महिला को दिल्ली लुटियन्स की सडको पे अकेला बदहोश देखा तो पाया की ये जमाना कितना मतलब का है जब कैमरा और मिडिया हो तो सब आते है आज कोई आगे नही आता।
जिसके पास बहन होगी वही आगे आयेगा वही न्याय दिलाएगा।
बहन मगती खुद का न्याय कब होगा निर्भया का न्याय अब तो कोर्ट ने भी बोल दिया तारिख पे तारिख।
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